tiny tales 4

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हार

थक कर सोया आज फिर नाकामियों से मिलकर, हताशा मन में लिए, हालातों से झगड़ कर। कुछ पाने की ललक, कुछ पल चैन से जीने की चाह; कहां मिल पाई थी वो जीने की राह। डर रहता मन में, कहीं रह ना जाऊं हार कर, उन्हीं हालातों से जिनको अड़ा हराने की जिद्द पर। बदल … Continue reading हार